Header Ads Widget

एनईपी २०२० करेंगा छात्रों का कौशल-विकसित करने में मदद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२० | National Education Policy 2020

राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२०


गुवाहाटी: केंद्रीय मंत्री श्री राजकुमार रंजन सिंह ने बुधवार को संपन्न एक समारोह में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२१ का महत्त्व बताते हुए कहा कि "एनईपी २०२० का उद्देश्य छात्रों का कौशल विकसित करना और समस्या सुलझाने में मदद करना है, और उन्हें नौकरी के अवसर खोजने के लिए मार्गदर्शन तथा सहायता करना है"।

उन्होंने बालअवस्था की शिक्षा और आलोचनात्मक सोच को विकसित करने में अपनी मातृभाषा की प्रमुख भूमिका पर भी जोर दिया, गुवाहाटी में एक समारोह में सम्बोधन के दौरान मा. मंत्रीजी ने आशा व्यक्त की कि असम नीति के कार्यान्वयन में अपना योगदान बरक़रार रखेंगे।

एनईपी २०२० ने भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने के लिए प्राथमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा प्रणालियों में परिवर्तनकारी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करने के उद्देश्य से १९८६ में तैयार की गई ३४ वर्षीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जगह ली है।

रनोज पेगू, असम के शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों के विलय, उच्च विद्यालयों को उच्च माध्यमिक शिक्षा सुविधाओं में अपग्रेड करने और गणित और विज्ञान शिक्षकों के प्रशिक्षण जैसे कदमों को जल्द से जल्द लागू करेगी, दो राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, कंगकन किशोर दत्ता जोरहाट से और बक्सा से बिनंदा स्वर्गियारी को 35 राज्य पुरस्कार विजेताओं के साथ इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया था।

आधिकारिक तौर पर कर्नाटक राष्ट्रीय शिक्षा नीति-२०२० लागू करने वाला पहला राज्य  बन गया है। एनईपी २०२० के बारे में अधिक जानकारी पाने लिए आप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-२०२० हिंदी पीडीएफ ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर प्राप्त कर सकते है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ